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Showing posts from December, 2023

रोशनी का गुब्बारा (Motivational Story in hindi)

       रोशनी का गुब्बारा         एक छोटी सी लड़की थी उसे अंधेरे से बहुत डर लगता था। वह हर रात रोती थी और अपने माता-पिता से कहती थी कि मुझे अंधेरे से बहुत डर लगता है। उसके माता-पिता ने उसे समझाया कि अंधेरे से कुछ नहीं होता तुम्हे नही डरना चाहिए, लेकिन वह नहीं मानी।                    एक दिन, लड़की की माँ ने उसे एक कहानी सुनाई। कहानी में एक नन्ही सी परी थी जो अंधेरे से बहुत डरती थी। परी ने अपने डर को दूर करने के लिए एक रोशनी का गुब्बारा बनाया। वह गुब्बारे को अपने साथ ले जाती थी और जब भी वह अंधेरे से डरती थी, तो वह गुब्बारे को जलाकर रोशनी करती थी।

मैं कर सकता हूँ( Short Motivational Story in Hindi )

मैं कर सकता हूँ               एक बार की बात है, एक छोटा सा इंजन था , जिसे एक पहाड़ी पर मालवाहक कारों की एक लंबी कतार को खींचने का काम सौंपा गया था। अन्य बड़े इंजनों ने छोटे इंजन पर हँसते हुए कहा कि तुम बहुत छोटे और कमजोर हो , तुम ये कभी नही कर सकते हो । लेकिन छोटा इंजन दृढ़ निश्चयी था।            इसने मालवाहक कारों को एक समय में एक कार, पहाड़ पर खींचना शुरू कर दिया। यह धीमी गति से चल रहा था, और चढ़ते समय छोटा इंजन फुँफकारने लगा । लेकिन इसने कभी हार नहीं मानी । “मुझे लगता है की मैं कर सकता हूँ,” छोटे इंजन ने मन ही मन कह रहा था “मुझे लगता है मैं कर सकता हूँ।” अन्य बड़े इंजन हँसते रहे, लेकिन छोटा इंजन चलता रहा । वह ऊँचे और ऊँचे चढ़ता गया, जब तक कि वह पहाड़ की चोटी पर नहीं पहुँच गया। अन्य इंजन ये देखकर हैरान रह गये । उन्होंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा था। “आपने ऐसा कैसे किया ?” बड़े इंजनो ने पूछा छोटे इंजन ने कहा। “मैं सोचता रहा, ‘मुझे लगता है मैं कर सकता हूँ, मुझे खुद पर पूरा विश्वास था की मे कर लूंगा । यदि आप खुद पर...

चिड़िया और आदमी की कहानी(Motivational Story in hindi )

चिड़िया और आदमी की कहानी                     एक चिड़िया रोज अपना घोंसला बनाने के लिए तिनके इकट्ठा करती थी और वह शैतान आदमी रोज उस चिड़िया का घोंसला तोड़ देता था। ऐसा कई महीनों तक चलता रहा परंतु चिड़िया ने घोंसला बनाना बंद नहीं किया लेकिन उस शैतान आदमी ने आखिर थक हार कर चिड़िया का घोंसला तोड़ना बंद कर दिया और फिर कुछ ही दिनों में चिड़िया ने अपने घोसलें में अंडे दिए। जिनमें से प्यारे-प्यारे चिड़िया के बच्चे बाहर आए।             उन नन्हें-नन्हें प्यारे बच्चों को देखकर वह आदमी भी बहुत खुश हुआ, उनकी देखभाल करने लगा, उनके लिए दाने डालने लगा। एक दिन उसने चिड़िया से पूछा कि मैं तो तुम्हारा घोंसला रोज तोड़ देता था परंतु तुमने अपना काम करना बंद क्यों नहीं किया, तो चिडिया ने कहा कि भैया आप अपना काम कर रहे थे और मैं अपना। MORAL OF THE STORY :                      इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि यदि सफलताओं या परेशानियों से हताश होकर हम अपना काम करने की आदत ...

अभ्यास की शक्ति (Motivational Story in hindi )

अभ्यास की शक्ति अभ्यास का महत्त्व प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर ही पढ़ा करते थे।. बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। बच्चे गुरुकुल में गुरु के सानिध्य में आश्रम की देखभाल किया करते थे. और अध्ययन भी किया करते थे। वरदराज को भी सभी की तरह गुरुकुल भेज दिया गया। वहां आश्रम में अपने साथियों के साथ घुलने मिलने लगा। लेकिन वह पढ़ने में बहुत ही कमजोर था। गुरुजी की कोई भी बात उसके बहुत कम समझ में आती थी। इस कारण सभी के बीच वह उपहास का कारण बनता है। उसके सारे साथी अगली कक्षा में चले गए लेकिन वो आगे नहीं बढ़ पाया। गुरुजी जी ने भी आखिर हार मानकर उसे बोला, “बेटा वरदराज! मैने सारे प्रयास करके देख लिये है। अब यही उचित होगा कि तुम यहां अपना समय बर्बाद मत करो। अपने घर चले जाओ और घरवालों की काम में मदद करो।”