एक शिक्षक की प्रेरणादायक कहानी "जीवन की पाठशाला" छोटे से गांव में बसे एक स्कूल में, एक शिक्षक थे जिनका नाम श्री शास्त्री था। वह साधारण जीवन जीते थे, लेकिन उनकी शिक्षा देने की शैली और उनका दृष्टिकोण असाधारण था। शास्त्री जी का मानना था कि हर बच्चा अपने अंदर अद्भुत क्षमता लेकर आता है। उनका उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अपने छात्रों को जीवन जीने की कला सिखाना चाहते थे। नया छात्र: अर्जुन एक दिन, स्कूल में एक नया छात्र दाखिला लेने आया। उसका नाम अर्जुन था। अर्जुन का नाम तो महाकाव्यों के वीर योद्धा से प्रेरित था, लेकिन उसका स्वभाव बिल्कुल विपरीत था। वह गुमसुम और आत्मविश्वासहीन रहता था। गांव में उसके परिवार को लेकर कई तरह की बातें होती थीं। उसके माता-पिता किसान थे, लेकिन गरीबी और कर्ज के कारण वह शिक्षा के प्रति अर्जुन को प्रेरित नहीं कर पाते थे। अर्जुन अक्सर क्लास में पीछे की बेंच पर बैठा रहता और चुपचाप दीवार को घूरता रहता। उसकी किताबें धूल से ढकी रहतीं, और उसकी आंखों में एक अजीब-सी उदासी छाई रहती। कई शिक्षक ...