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Showing posts with the label Students Success in life Long & Short Motivational Story in hindi Success Story in hindi Life Success inspirational story motivational story short story

abhyaas ka mahattv

अभ्यास का महत्त्व एक समय की बात है, किसी राज्य में एक प्रसिद्ध धनुर्धर रहता था। उसका नाम अर्जुन था। वह अपनी अद्भुत तीरंदाजी के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध था। वह न केवल निशाना सटीक लगाता था, बल्कि उसकी कला में ऐसा निपुणता थी कि लोग उसे देखने मात्र से दंग रह जाते थे। राजा भी उसकी प्रशंसा करते नहीं थकते थे। लेकिन अर्जुन को अपनी कला पर बहुत घमंड हो गया था। उसे लगता था कि उसके समान कुशल धनुर्धर पूरे राज्य में कोई नहीं हो सकता। एक चुनौती का सामना राज्य में एक दिन एक साधु आया। वह वृद्ध था, लेकिन उसकी आँखों में एक अद्भुत तेज था। वह जानता था कि अर्जुन अपनी कला में श्रेष्ठ है, लेकिन वह उसे यह समझाना चाहता था कि अभ्यास के बिना कोई भी कुशलता नहीं टिक सकती। साधु ने अर्जुन से कहा, "वत्स, तुम्हारी तीरंदाजी की प्रसिद्धि मैंने सुनी है, लेकिन क्या तुम मेरे एक छोटे से परीक्षण को पास कर सकते हो?" अर्जुन हँसते हुए बोला, "साधु बाबा, मुझे कोई भी परीक्षा देने में आनंद आता है। बताइए, क्या करना होगा?" साधु मुस्कुराए और बोले, "देखो, सामने वह बहुत ऊँचा पेड़ है, और उसकी सबसे ऊँची ड...

jid aur junoon ne dilaaya gold

जिद और जुनून ने दिलाया गोल्ड हर सफलता के पीछे एक संघर्ष की कहानी होती है। यह कहानी है एक ऐसे युवा खिलाड़ी की, जिसने अपने जिद और जुनून के बल पर असंभव को संभव कर दिखाया और गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। संघर्ष की शुरुआत छोटे से गाँव में जन्मा अर्जुन एक मध्यमवर्गीय परिवार से था। खेलों में रुचि होने के बावजूद, संसाधनों की कमी के कारण उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्कूल में खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भाग लेना उसका जुनून था, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके पास अच्छे जूते तक नहीं थे। कई बार लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया, लेकिन अर्जुन ने हार नहीं मानी। उसने खुद से वादा किया कि एक दिन वह अपनी काबिलियत साबित करेगा।

Dr. APJ Abdul Kalam: An Inspirational Success Story

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम, जिन्हें हम सभी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानते हैं, एक महान वैज्ञानिक, दूरदर्शी नेता और भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। वे अपने जीवन में कठिनाइयों से जूझते हुए आगे बढ़े और अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की। उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से भरी हुई है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि अगर हमारे पास एक स्पष्ट लक्ष्य, मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम नामक छोटे से द्वीप नगर में एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता जैनुलाब्दीन एक नाविक थे और माता आशियम्मा एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने अपने बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

Never give up on your dreams/ अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ें

अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ें, never give up on your dreams एक घने जंगल में अनेक जानवर रहते थे। वहाँ एक युवा हाथी था, जिसका नाम भीम था। भीम बहुत ही प्यारा और मेहनती था, लेकिन उसकी एक खास समस्या थी – उसका आकार। वह जितना चाहता, उतना तेज दौड़ नहीं सकता था, और उसकी लंबाई भी बाकी हाथियों से कुछ कम थी। वह अन्य जानवरों से बहुत अलग था, और उसे यह लगता था कि उसका सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। भीम का सपना था कि वह जंगल के सबसे अच्छे धावक बने। जंगल में बहुत सारे जानवर थे, जो दौड़ने में बहुत तेज थे। वहाँ एक तेंदुआ था, जिसका नाम शेरू था, जो जंगल के सबसे तेज धावक के रूप में प्रसिद्ध था। शेरू के बारे में सभी जानवर कहते थे कि उसकी गति और शक्ति का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। लेकिन भीम का सपना था कि वह शेरू को एक दिन हराएगा। उसका दिल कहता था, "अगर शेरू जीत सकता है, तो मैं भी क्यों नहीं?"

Anything is possible/ कुछ भी संभव है

कुछ भी संभव है, anything is possible एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था जिसका नाम अर्जुन था। अर्जुन गरीब था, लेकिन उसकी आँखों में एक खास चमक थी और वह हर समय किसी न किसी बड़े लक्ष्य के बारे में सोचता रहता था। उसके पास कुछ भी खास नहीं था, सिवाय अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के। गाँव वाले उसे मजाक उड़ाते थे, "यह लड़का क्या कर सकता है? उसके पास न कोई साधन है, न कोई बड़ी मदद।" अर्जुन का सपना था कि वह एक दिन बड़ा आदमी बनेगा। वह सोचता था कि क्यों न एक दिन वह दुनिया के सबसे बड़े पर्वत पर चढ़े और सभी को यह साबित कर दे कि अगर दिल में कुछ ठान लिया जाए, तो कुछ भी असंभव नहीं है। लेकिन गाँव में सब उसे यह कहते हुए ताने मारते थे कि वह एक छोटे से गाँव का लड़का है, और उसे कभी भी इतना बड़ा काम नहीं कर पाएगा।

Use your brain to turn circumstances in your favor,दिमाग का इस्तेमाल कर परिस्थितियों को अपने पक्ष में करें

दिमाग का इस्तेमाल कर परिस्थितियों को अपने पक्ष में करें Use your brain to turn circumstances in your favor  एक छोटे से गाँव में रामु नाम का एक लड़का रहता था। रामु बहुत मेहनती और ईमानदार था, लेकिन उसका भाग्य कुछ खास नहीं था। वह अक्सर यह सोचता था कि वह मेहनत करने के बावजूद अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहा। उसका जीवन बहुत साधारण था और उसे लगता था कि उसकी परिस्थितियाँ हमेशा उसके खिलाफ रहती हैं। एक दिन रामु को गाँव के बुजुर्गों से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात सुनने को मिली। गाँव में एक साधू बाबा आए थे, जो दूर-दूर से लोग उनकी सलाह लेने आते थे। रामु भी उनके पास गया और उनसे अपनी समस्याओं के बारे में शिकायत करने लगा। उसने कहा, "बाबा, मैं बहुत मेहनत करता हूँ, लेकिन फिर भी मेरी स्थिति बेहतर नहीं हो पाती। परिस्थितियाँ हमेशा मेरे खिलाफ होती हैं। क्या करूँ?"

The story of a boy and a stone / एक लड़के और पत्थर की कहानी

एक लड़के और पत्थर की कहानी , The story of a boy and a stone               बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक लड़का अपने माता-पिता के साथ रहता था। वह लड़का बहुत ही प्यारा और मेहनती था। उसकी आँखों में आशा और मुस्कान हमेशा बनी रहती थी। वह दिन-रात मेहनत करता, अपने छोटे से खेत में काम करता और कभी भी किसी से कोई शिकायत नहीं करता। लेकिन एक समस्या थी, वह लड़का बहुत जल्दी गुस्से में आ जाता था। उसके गुस्से के कारण, कई बार उसे दुख और पछतावा भी होता था, क्योंकि बाद में उसे यह एहसास होता कि उसने जो किया वह सही नहीं था। एक दिन उस लड़के को अपने गाँव के पास एक बड़े पहाड़ के ऊपर चढ़ने का मन हुआ। पहाड़ बहुत ऊँचा था और उसके ऊपर चढ़ना एक कठिन काम था, लेकिन लड़का किसी भी चुनौती से डरता नहीं था। उसने सोचा, "अगर मैं पहाड़ के ऊपर चढ़ सका तो मैं एक बहादुर और मजबूत लड़का बनूंगा।" इस सोच के साथ उसने अपनी यात्रा शुरू की।

"A Ray of Hope" /"उम्मीद की एक किरण"

"उम्मीद की एक किरण"/ "A Ray of Hope" यह कहानी है एक छोटे से गाँव में रहने वाली लड़की, प्रिया की। प्रिया का जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा था, लेकिन उसकी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति ने उसे जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई जीतने में मदद की। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, अगर हमारी मेहनत और आत्मविश्वास मजबूत हो, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। गाँव की कच्ची सड़क पर संघर्ष प्रिया का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उसके पिता गाँव के एक छोटे से खेत में काम करते थे और माँ घर संभालती थीं। प्रिया के पास बचपन से ही एक सपना था - वह पढ़-लिखकर एक बड़ा आदमी बनेगी और अपनी माँ-बाप की तकलीफें खत्म करेगी। लेकिन उसके परिवार की स्थिति इतनी खराब थी कि पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। प्रिया को पढ़ाई का बहुत शौक था, लेकिन उसके पास किताबों और स्कूल जाने के लिए पैसे नहीं थे। उसके घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती थी, और यही कारण था कि वह स्कूल जाने से भी अक्सर चूक जाती थी। लेकिन प्रिया का हौसला कम नहीं हुआ। उसने ठान लिया कि वह अपनी कठिनाइयो...

"The power to make dreams come true" / "सपनों को सच करने की ताकत"

"सपनों को सच करने की ताकत"/"The power to make dreams come true" यह कहानी एक छोटे से गाँव के लड़के की है, जिसका नाम आकाश था। आकाश का सपना था कि वह एक दिन बड़ा आदमी बनेगा और समाज में कुछ ऐसा करेगा, जिससे लोग उसे हमेशा याद रखें। लेकिन उसके सपने को पूरा करने के रास्ते में कई रुकावटें और चुनौतियाँ थीं। आकाश की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारी नीयत सही हो और हमें अपने सपनों पर विश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती। गरीबी में जन्मी आशाएँ आकाश का जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उसके माता-पिता छोटे से खेत में काम करते थे, और उनका जीवन बहुत मुश्किलों से भरा था। घर में खाने-पीने के लिए अक्सर तंगी रहती थी, लेकिन आकाश के दिल में एक असीम उम्मीद थी। वह जानता था कि यदि उसे अपने सपनों को पूरा करना है, तो उसे पढ़ाई की ओर ध्यान देना होगा। गाँव में शिक्षा का स्तर बहुत कम था, और आकाश के पास स्कूल जाने के लिए पैसे भी नहीं थे। लेकिन आकाश का मन निरंतर पढ़ाई में लगा रहता था। वह पुराने नोट्स और किताबों के साथ दिन-रात पढ़ाई करता। जब भी उसके पास थोड़ा सा वक्त मिलता, व...

"Courage and the power of struggle" / "हिम्मत और संघर्ष की शक्ति"

"हिम्मत और संघर्ष की शक्ति"/"Courage and the power of struggle" दिल को छूने वाली प्रेरणादायक कहानी यह कहानी एक छोटे से गाँव के लड़के, रवि की है, जो अपनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और साहस से जीवन में सफलता की ऊँचाईयों तक पहुँचने में कामयाब हुआ। रवि का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारी नीयत सही हो और हमें अपने लक्ष्य पर विश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल हमें नहीं हरा सकती। गाँव की गलियों में संघर्ष रवि का जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उसके पिता एक छोटे से खेत में काम करते थे, और माँ घर संभालती थी। रवि का सपना था कि वह बड़ा आदमी बने, लेकिन उसकी परिस्थितियाँ इतनी कठिन थीं कि उसे पढ़ाई के लिए स्कूल जाने के लिए भी पैसे नहीं थे। गाँव में बहुत कम लोग स्कूल जाते थे और उनका मानना था कि गरीब बच्चों का भविष्य खेती-बाड़ी में ही है। रवि को स्कूल में जाने का बहुत शौक था, लेकिन उसके पास किताबें और स्टेशनरी खरीदने के पैसे नहीं थे। उसकी माँ और पिता भी उसे पढ़ाई के लिए पैसे देने में असमर्थ थे। फिर भ...

andheri raat ka ujaala / अंधेरी रात का उजाला

अंधेरी रात का उजाला: एक प्रेरणादायक कहानी / andheri raat ka ujaala:An Inspirational Story यह कहानी है एक छोटे से गाँव के युवक आर्यन की। आर्यन एक मेहनती और ईमानदार लड़का था, जो हमेशा दूसरों की मदद करने और खुश रहने में विश्वास करता था। उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन फिर एक दिन ऐसी घटना घटी जिसने उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। गाँव के पास एक बड़ी फैक्ट्री थी, जहाँ आर्यन के पिता काम करते थे। अचानक एक दिन फैक्ट्री में आग लग गई। उस दुर्घटना में आर्यन के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा। घर का खर्चा चलाने की पूरी जिम्मेदारी आर्यन के कंधों पर आ गई। आर्यन के पास कोई स्थायी नौकरी नहीं थी। उसने कई जगह काम करने की कोशिश की, लेकिन हर जगह से उसे निराशा हाथ लगी। हालात इतने खराब हो गए कि उसके परिवार को दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। गाँव के लोग भी उससे दूरी बनाने लगे, क्योंकि वे सोचते थे कि आर्यन के हालात इतने खराब हैं कि वह किसी की मदद नहीं कर पाएगा।

An Inspirational Story :-"Stand Up" (एक प्रेरणादायक कहानी :- "ऊपर उठो")

"ऊपर उठो" - एक प्रेरणादायक कहानी छोटे से गांव के बीचों-बीच एक पुराना बरगद का पेड़ था। उस पेड़ के नीचे बैठा 14 साल का अंशु, स्कूल की किताबें हाथ में लिए गहरी सोच में डूबा था। वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता था, पर उसके सपनों और उसकी स्थिति के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी थी। अंशु का परिवार गरीब था। उसके पिता किसान थे और मां घर पर सिलाई का काम करती थी। पढ़ाई के लिए अंशु को रोजाना 5 किलोमीटर चलकर स्कूल जाना पड़ता था। रास्ता कठिन था, लेकिन उसकी लगन उसे कभी पीछे हटने नहीं देती थी। एक दिन स्कूल में मास्टर जी ने कक्षा में एक सवाल पूछा, "आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं?" अंशु ने बिना झिझक कहा, "मैं वैज्ञानिक बनना चाहता हूं।" सारी कक्षा ठहाका लगाकर हंस पड़ी। किसी ने कहा, "अरे, तुम तो खेत जोतने लायक भी नहीं हो। वैज्ञानिक कैसे बनोगे?" मास्टर जी ने भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। उस दिन अंशु का मन बहुत उदास था। वह घर लौटते वक्त बार-बार सोचता रहा, "क्या मैं सच में कुछ नहीं कर सकता? क्या मेरी गरीबी मेरे सपनों का अंत है?" मां की प्रेरणा

प्रेरणा की ज्योत : "शिक्षक का अद्वितीय उपहार"

"शिक्षक का अद्वितीय उपहार" एक छोटे से गांव में, जहां तक बिजली के तार भी नहीं पहुंचे थे, वहां के सरकारी स्कूल में एक शिक्षक रहते थे, जिनका नाम रामशरण था। रामशरण जी के पास बहुत अधिक साधन नहीं थे, लेकिन उनके पास बच्चों को सिखाने का जुनून और उनकी जिंदगी बदलने की चाहत जरूर थी। उनके लिए शिक्षा केवल अक्षरों और अंकों तक सीमित नहीं थी; वह इसे जीवन को बेहतर बनाने का साधन मानते थे। गांव का सबसे कमजोर छात्र रामशरण जी के स्कूल में एक बच्चा था, जिसका नाम मोहन था। मोहन पढ़ाई में बहुत कमजोर था। वह अक्सर पाठ याद करने में असफल रहता और बाकी बच्चों के बीच मजाक का पात्र बन जाता। उसकी स्थिति ऐसी थी कि हर शिक्षक उसे अपने सिर का दर्द मानता। मोहन के माता-पिता किसान थे, और वह स्कूल के बाद खेतों में उनकी मदद करता था। दिनभर की थकान के बाद वह पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पाता था। उसकी आत्मविश्वासहीनता इतनी बढ़ गई थी कि उसने खुद को नाकाम मान लिया था।

"बचपन का साथी" (दिल को छू लेने वाली कहानी)

"बचपन का साथी" यह कहानी एक छोटे से कस्बे के दो दोस्तों, राहुल और कबीर, की है। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के साथ बड़े हुए थे। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि लोग उन्हें एक आत्मा और दो शरीर कहते थे। दोनों का सपना था कि वे बड़े होकर कुछ ऐसा करें जिससे उनके परिवार और कस्बे का नाम रोशन हो। राहुल एक गरीब परिवार से था। उसके पिता किसान थे और बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा चलाते थे। दूसरी ओर, कबीर एक अमीर व्यापारी का बेटा था। हालांकि उनके हालात अलग थे, लेकिन उनकी दोस्ती पर इसका कभी असर नहीं पड़ा। बचपन की यादें दोनों स्कूल जाते समय एक ही साइकिल पर बैठते। कबीर की नई साइकिल थी, लेकिन वह राहुल को भी अपने साथ बैठा लेता। जब राहुल के पास स्कूल की फीस भरने के पैसे नहीं होते, तो कबीर अपने पिताजी से कहकर उसका इंतजाम कर देता। कबीर के लिए यह छोटी बात थी, लेकिन राहुल इसे अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा उपकार मानता था।

"असंभव कुछ भी नहीं" (प्रेरणादायक कहानी)

"असंभव कुछ भी नहीं" यह कहानी है एक छोटे से गाँव के लड़के अर्जुन की, जिसने अपनी मेहनत और दृढ़ निश्चय से यह साबित कर दिया कि असंभव कुछ भी नहीं। अर्जुन के पिता एक छोटे किसान थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। गाँव में शुरुआत अर्जुन का सपना था कि वह बड़ा आदमी बने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकाले। लेकिन गाँव में शिक्षा के साधन बहुत सीमित थे। अर्जुन सुबह-सुबह अपने पिता के साथ खेतों में काम करता और दिन के समय गाँव के स्कूल में पढ़ाई करता। वह अक्सर स्कूल में सबसे आगे रहता, लेकिन एक समस्या थी। स्कूल में किताबें और संसाधन कम थे। अर्जुन ने किताबों के लिए गाँव के मुखिया से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने उसकी बात को नज़रअंदाज़ कर दिया।

बच्चों की ख़ुशी ( एक प्रेरणादायक कहानी )

बच्चों की ख़ुशी   एक प्रेरणादायक कहानी गाँव का स्कूल एक छोटे से गाँव में, जहाँ हरियाली और सादगी की भरमार थी, वहाँ के बच्चे खुश रहना जानते थे। परंतु, उनके पास न तो अच्छे स्कूल थे, न ही खेल के मैदान। वे खुले खेतों में खेलते और पुराने कागज से बनाए गए खिलौनों से मस्ती करते। उनका एकमात्र स्कूल टूटी-फूटी छत और बेंचों वाला था। वहाँ के शिक्षक, रमेश सर, बच्चों को पढ़ाने में बहुत मेहनत करते थे। रमेश सर का सपना रमेश सर का सपना था कि उनके गाँव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और बड़े होकर अपने सपनों को साकार करें। लेकिन गाँव में संसाधनों की कमी थी। बच्चों के पास किताबें तक पूरी नहीं होती थीं। फिर भी, बच्चे खुश थे। उनकी आँखों में सपने और दिल में उमंग थी।

माँ का प्यार (दिल को छू लेने वाली कहानी प्रेरणादायक कहानी )

दिल को छू लेने वाली कहानी:  माँ का प्यार      यह कहानी एक छोटे से गाँव में रहने वाले रमेश और उसकी माँ की है। रमेश की माँ का नाम सरस्वती था और वे बहुत ही मेहनती और समर्पित महिला थीं। रमेश के पिता का स्वर्गवास हो चुका था, जब वह बहुत छोटा था। सरस्वती ने अकेले ही रमेश को पाला और पढ़ाया-लिखाया। सरस्वती गाँव में छोटे-मोटे काम करके अपने बेटे को शिक्षा दिला रही थीं। वह चाहती थीं कि रमेश एक दिन बड़ा आदमी बने और अपने जीवन में सफल हो। रमेश भी अपनी माँ की मेहनत और त्याग को देखकर पढ़ाई में बहुत मन लगाता था। एक दिन रमेश की कॉलेज की फीस भरने के लिए सरस्वती के पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपने गहने बेचकर रमेश की फीस भरी। रमेश को यह बात पता चली तो उसने मन ही मन ठान लिया कि वह बहुत मेहनत करेगा और अपनी माँ का सपना पूरा करेगा।

आखिरी खत ( प्रेरणादायक कहानी )

आखिरी खत         राहुल और सीमा बचपन से ही बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और साथ में खेलते थे। समय बीतता गया और दोनों बड़े हो गए। कॉलेज की पढ़ाई खत्म होने के बाद राहुल को एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई और सीमा ने अपने पापा के कारोबार में हाथ बंटाना शुरू कर दिया। राहुल अपनी नौकरी के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। लेकिन हर साल दीवाली पर वह अपने घर आता था और अपने दोस्तों से मिलता था। इस बार दीवाली पर जब राहुल घर आया तो उसने सुना कि सीमा की तबीयत बहुत खराब है। उसे कैंसर हो गया था और उसकी हालत बहुत नाजुक थी।

मेहनत का फल ( रामू की प्रेरणादायक कहानी )

मेहनत का फल एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास बहुत ही कम जमीन थी और वह दिन-रात मेहनत करता था ताकि अपने परिवार का पेट भर सके। रामू के पास एक पुराना बैल था, जिसे वह बहुत प्यार करता था। वह बैल उसकी खेती का मुख्य साधन था। संघर्ष का आरंभ : एक साल गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। फसलें सूख गईं और किसान परेशान हो गए। रामू की स्थिति और भी खराब हो गई। उसका बैल भी बीमार पड़ गया। रामू ने अपनी सारी जमा पूंजी बैल के इलाज में लगा दी, लेकिन बैल ठीक नहीं हो सका और एक दिन वह मर गया।

अनमोल दोस्ती (दोस्ती और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी )

"अनमोल दोस्ती" एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में दो बच्चे रहते थे, रोहित और सूरज। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और हमेशा साथ में खेलते थे। उनका दोस्ती का बंधन इतना मजबूत था कि गाँव के लोग उनकी मिसाल देते थे। संघर्ष और संघर्ष का फल एक दिन गाँव में एक मेले का आयोजन हुआ। रोहित और सूरज भी मेले में गए। वहाँ उन्हें एक बड़ा पहाड़ी खेल देखने को मिला। जो भी इस पहाड़ी पर चढ़ाई करेगा और सबसे ऊपर पहुंचेगा, उसे इनाम मिलेगा। रोहित और सूरज ने भी इस खेल में हिस्सा लेने का निश्चय किया।