कहानियां नई नई सीख देती है, बच्चो में अगर अच्छे अच्छे संस्कार सींचने हो तो कहानियां सबसे अच्छा जरिया बन सकती है। आज की कहानी आपको थोड़ा भावुक कर सकती है क्योंकि आज आप एक Emotional kahani आपके साथ साझा कर रहा हूं, हां इमोशनल करने के साथ एक बहुमूल्य बोध भी आप इस कहानी से सीख सकते है इसलिए इसे पूरी जरूर पढ़िएगा। "एक भिखारी " हर दिन एक भिखारी दरवाजे के पास आकर भीख मांगता था। और घर का मालिक हमेशा घर के बाहर आते ही उसे देख कर फिर जाया करता कई बार उसके लिए गालियां भी बकता। वो कहता तू जिंदा ही क्यों है? पूरी जिंदगी ऐसे ही भीख मांगेगा क्या? धरती का बोझ क्यों बना बैठा है! और कभी-कभी उस भिखारी को गुस्से में वह धक्का भी मार दिया करता। इतना कुछ हो जाने के बावजूद अधिकारी के मुंह से सिर्फ यही निकलता कि भगवान भगवान तुम्हारे पापों को माफ करे! एक बार सेठ को धंधे में बड़ा नुकसान होने की खबर मिली। सेठ बहुत परेशान था कि तभी उसके दरवाजे पर वही भिखारी आया! गुस्से में अपना आपा खोते हुए सेठ ने उस भिखारी को पत्थर दे मारा! पत्थर लगने के कारण भिखारी का सर फूट गया और उसके सर से...