Skip to main content

Posts

abhyaas ka mahattv

अभ्यास का महत्त्व एक समय की बात है, किसी राज्य में एक प्रसिद्ध धनुर्धर रहता था। उसका नाम अर्जुन था। वह अपनी अद्भुत तीरंदाजी के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध था। वह न केवल निशाना सटीक लगाता था, बल्कि उसकी कला में ऐसा निपुणता थी कि लोग उसे देखने मात्र से दंग रह जाते थे। राजा भी उसकी प्रशंसा करते नहीं थकते थे। लेकिन अर्जुन को अपनी कला पर बहुत घमंड हो गया था। उसे लगता था कि उसके समान कुशल धनुर्धर पूरे राज्य में कोई नहीं हो सकता। एक चुनौती का सामना राज्य में एक दिन एक साधु आया। वह वृद्ध था, लेकिन उसकी आँखों में एक अद्भुत तेज था। वह जानता था कि अर्जुन अपनी कला में श्रेष्ठ है, लेकिन वह उसे यह समझाना चाहता था कि अभ्यास के बिना कोई भी कुशलता नहीं टिक सकती। साधु ने अर्जुन से कहा, "वत्स, तुम्हारी तीरंदाजी की प्रसिद्धि मैंने सुनी है, लेकिन क्या तुम मेरे एक छोटे से परीक्षण को पास कर सकते हो?" अर्जुन हँसते हुए बोला, "साधु बाबा, मुझे कोई भी परीक्षा देने में आनंद आता है। बताइए, क्या करना होगा?" साधु मुस्कुराए और बोले, "देखो, सामने वह बहुत ऊँचा पेड़ है, और उसकी सबसे ऊँची ड...
Recent posts

jid aur junoon ne dilaaya gold

जिद और जुनून ने दिलाया गोल्ड हर सफलता के पीछे एक संघर्ष की कहानी होती है। यह कहानी है एक ऐसे युवा खिलाड़ी की, जिसने अपने जिद और जुनून के बल पर असंभव को संभव कर दिखाया और गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। संघर्ष की शुरुआत छोटे से गाँव में जन्मा अर्जुन एक मध्यमवर्गीय परिवार से था। खेलों में रुचि होने के बावजूद, संसाधनों की कमी के कारण उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्कूल में खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भाग लेना उसका जुनून था, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके पास अच्छे जूते तक नहीं थे। कई बार लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया, लेकिन अर्जुन ने हार नहीं मानी। उसने खुद से वादा किया कि एक दिन वह अपनी काबिलियत साबित करेगा।

Dr. APJ Abdul Kalam: An Inspirational Success Story

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम, जिन्हें हम सभी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानते हैं, एक महान वैज्ञानिक, दूरदर्शी नेता और भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। वे अपने जीवन में कठिनाइयों से जूझते हुए आगे बढ़े और अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की। उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से भरी हुई है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि अगर हमारे पास एक स्पष्ट लक्ष्य, मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम नामक छोटे से द्वीप नगर में एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता जैनुलाब्दीन एक नाविक थे और माता आशियम्मा एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने अपने बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

rajkumar aur jadui jheel / राजकुमार और जादुई झील

राजकुमार और जादुई झील बहुत समय पहले की बात है, एक राज्य था जिसका नाम सुरमाल था। वहाँ का राजा, राजा वीरेंद्र, अपने प्रजाजनों के लिए बहुत प्रिय था। राजा के तीन बेटे थे—राजकुमार आदित्य, राजकुमार आर्यन, और सबसे छोटा, राजकुमार ईशान। राजा वीरेंद्र हमेशा अपने बेटों को सिखाते थे कि सच्चा राजा वही होता है, जो अपने प्रजा की भलाई के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दे। एक दिन राजा ने अपने तीनों बेटों को बुलाया और कहा, “हमारे राज्य में जल संकट बढ़ रहा है। नदी और तालाब सूख रहे हैं। हमें इस समस्या का समाधान खोजना होगा। जो राजकुमार इस समस्या का समाधान करेगा, वही अगला राजा बनेगा।” राजकुमारों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अगले दिन यात्रा पर निकल पड़े।

Never give up on your dreams/ अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ें

अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ें, never give up on your dreams एक घने जंगल में अनेक जानवर रहते थे। वहाँ एक युवा हाथी था, जिसका नाम भीम था। भीम बहुत ही प्यारा और मेहनती था, लेकिन उसकी एक खास समस्या थी – उसका आकार। वह जितना चाहता, उतना तेज दौड़ नहीं सकता था, और उसकी लंबाई भी बाकी हाथियों से कुछ कम थी। वह अन्य जानवरों से बहुत अलग था, और उसे यह लगता था कि उसका सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। भीम का सपना था कि वह जंगल के सबसे अच्छे धावक बने। जंगल में बहुत सारे जानवर थे, जो दौड़ने में बहुत तेज थे। वहाँ एक तेंदुआ था, जिसका नाम शेरू था, जो जंगल के सबसे तेज धावक के रूप में प्रसिद्ध था। शेरू के बारे में सभी जानवर कहते थे कि उसकी गति और शक्ति का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। लेकिन भीम का सपना था कि वह शेरू को एक दिन हराएगा। उसका दिल कहता था, "अगर शेरू जीत सकता है, तो मैं भी क्यों नहीं?"

Anything is possible/ कुछ भी संभव है

कुछ भी संभव है, anything is possible एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था जिसका नाम अर्जुन था। अर्जुन गरीब था, लेकिन उसकी आँखों में एक खास चमक थी और वह हर समय किसी न किसी बड़े लक्ष्य के बारे में सोचता रहता था। उसके पास कुछ भी खास नहीं था, सिवाय अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के। गाँव वाले उसे मजाक उड़ाते थे, "यह लड़का क्या कर सकता है? उसके पास न कोई साधन है, न कोई बड़ी मदद।" अर्जुन का सपना था कि वह एक दिन बड़ा आदमी बनेगा। वह सोचता था कि क्यों न एक दिन वह दुनिया के सबसे बड़े पर्वत पर चढ़े और सभी को यह साबित कर दे कि अगर दिल में कुछ ठान लिया जाए, तो कुछ भी असंभव नहीं है। लेकिन गाँव में सब उसे यह कहते हुए ताने मारते थे कि वह एक छोटे से गाँव का लड़का है, और उसे कभी भी इतना बड़ा काम नहीं कर पाएगा।

Use your brain to turn circumstances in your favor,दिमाग का इस्तेमाल कर परिस्थितियों को अपने पक्ष में करें

दिमाग का इस्तेमाल कर परिस्थितियों को अपने पक्ष में करें Use your brain to turn circumstances in your favor  एक छोटे से गाँव में रामु नाम का एक लड़का रहता था। रामु बहुत मेहनती और ईमानदार था, लेकिन उसका भाग्य कुछ खास नहीं था। वह अक्सर यह सोचता था कि वह मेहनत करने के बावजूद अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहा। उसका जीवन बहुत साधारण था और उसे लगता था कि उसकी परिस्थितियाँ हमेशा उसके खिलाफ रहती हैं। एक दिन रामु को गाँव के बुजुर्गों से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात सुनने को मिली। गाँव में एक साधू बाबा आए थे, जो दूर-दूर से लोग उनकी सलाह लेने आते थे। रामु भी उनके पास गया और उनसे अपनी समस्याओं के बारे में शिकायत करने लगा। उसने कहा, "बाबा, मैं बहुत मेहनत करता हूँ, लेकिन फिर भी मेरी स्थिति बेहतर नहीं हो पाती। परिस्थितियाँ हमेशा मेरे खिलाफ होती हैं। क्या करूँ?"