रोशनी का गुब्बारा एक छोटी सी लड़की थी उसे अंधेरे से बहुत डर लगता था। वह हर रात रोती थी और अपने माता-पिता से कहती थी कि मुझे अंधेरे से बहुत डर लगता है। उसके माता-पिता ने उसे समझाया कि अंधेरे से कुछ नहीं होता तुम्हे नही डरना चाहिए, लेकिन वह नहीं मानी। एक दिन, लड़की की माँ ने उसे एक कहानी सुनाई। कहानी में एक नन्ही सी परी थी जो अंधेरे से बहुत डरती थी। परी ने अपने डर को दूर करने के लिए एक रोशनी का गुब्बारा बनाया। वह गुब्बारे को अपने साथ ले जाती थी और जब भी वह अंधेरे से डरती थी, तो वह गुब्बारे को जलाकर रोशनी करती थी।