एक लड़के और पत्थर की कहानी , The story of a boy and a stone बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक लड़का अपने माता-पिता के साथ रहता था। वह लड़का बहुत ही प्यारा और मेहनती था। उसकी आँखों में आशा और मुस्कान हमेशा बनी रहती थी। वह दिन-रात मेहनत करता, अपने छोटे से खेत में काम करता और कभी भी किसी से कोई शिकायत नहीं करता। लेकिन एक समस्या थी, वह लड़का बहुत जल्दी गुस्से में आ जाता था। उसके गुस्से के कारण, कई बार उसे दुख और पछतावा भी होता था, क्योंकि बाद में उसे यह एहसास होता कि उसने जो किया वह सही नहीं था। एक दिन उस लड़के को अपने गाँव के पास एक बड़े पहाड़ के ऊपर चढ़ने का मन हुआ। पहाड़ बहुत ऊँचा था और उसके ऊपर चढ़ना एक कठिन काम था, लेकिन लड़का किसी भी चुनौती से डरता नहीं था। उसने सोचा, "अगर मैं पहाड़ के ऊपर चढ़ सका तो मैं एक बहादुर और मजबूत लड़का बनूंगा।" इस सोच के साथ उसने अपनी यात्रा शुरू की।