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The story of a boy and a stone / एक लड़के और पत्थर की कहानी

एक लड़के और पत्थर की कहानी , The story of a boy and a stone               बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक लड़का अपने माता-पिता के साथ रहता था। वह लड़का बहुत ही प्यारा और मेहनती था। उसकी आँखों में आशा और मुस्कान हमेशा बनी रहती थी। वह दिन-रात मेहनत करता, अपने छोटे से खेत में काम करता और कभी भी किसी से कोई शिकायत नहीं करता। लेकिन एक समस्या थी, वह लड़का बहुत जल्दी गुस्से में आ जाता था। उसके गुस्से के कारण, कई बार उसे दुख और पछतावा भी होता था, क्योंकि बाद में उसे यह एहसास होता कि उसने जो किया वह सही नहीं था। एक दिन उस लड़के को अपने गाँव के पास एक बड़े पहाड़ के ऊपर चढ़ने का मन हुआ। पहाड़ बहुत ऊँचा था और उसके ऊपर चढ़ना एक कठिन काम था, लेकिन लड़का किसी भी चुनौती से डरता नहीं था। उसने सोचा, "अगर मैं पहाड़ के ऊपर चढ़ सका तो मैं एक बहादुर और मजबूत लड़का बनूंगा।" इस सोच के साथ उसने अपनी यात्रा शुरू की।

"A Ray of Hope" /"उम्मीद की एक किरण"

"उम्मीद की एक किरण"/ "A Ray of Hope" यह कहानी है एक छोटे से गाँव में रहने वाली लड़की, प्रिया की। प्रिया का जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा था, लेकिन उसकी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति ने उसे जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई जीतने में मदद की। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, अगर हमारी मेहनत और आत्मविश्वास मजबूत हो, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। गाँव की कच्ची सड़क पर संघर्ष प्रिया का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उसके पिता गाँव के एक छोटे से खेत में काम करते थे और माँ घर संभालती थीं। प्रिया के पास बचपन से ही एक सपना था - वह पढ़-लिखकर एक बड़ा आदमी बनेगी और अपनी माँ-बाप की तकलीफें खत्म करेगी। लेकिन उसके परिवार की स्थिति इतनी खराब थी कि पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। प्रिया को पढ़ाई का बहुत शौक था, लेकिन उसके पास किताबों और स्कूल जाने के लिए पैसे नहीं थे। उसके घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती थी, और यही कारण था कि वह स्कूल जाने से भी अक्सर चूक जाती थी। लेकिन प्रिया का हौसला कम नहीं हुआ। उसने ठान लिया कि वह अपनी कठिनाइयो...

"The power to make dreams come true" / "सपनों को सच करने की ताकत"

"सपनों को सच करने की ताकत"/"The power to make dreams come true" यह कहानी एक छोटे से गाँव के लड़के की है, जिसका नाम आकाश था। आकाश का सपना था कि वह एक दिन बड़ा आदमी बनेगा और समाज में कुछ ऐसा करेगा, जिससे लोग उसे हमेशा याद रखें। लेकिन उसके सपने को पूरा करने के रास्ते में कई रुकावटें और चुनौतियाँ थीं। आकाश की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारी नीयत सही हो और हमें अपने सपनों पर विश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती। गरीबी में जन्मी आशाएँ आकाश का जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उसके माता-पिता छोटे से खेत में काम करते थे, और उनका जीवन बहुत मुश्किलों से भरा था। घर में खाने-पीने के लिए अक्सर तंगी रहती थी, लेकिन आकाश के दिल में एक असीम उम्मीद थी। वह जानता था कि यदि उसे अपने सपनों को पूरा करना है, तो उसे पढ़ाई की ओर ध्यान देना होगा। गाँव में शिक्षा का स्तर बहुत कम था, और आकाश के पास स्कूल जाने के लिए पैसे भी नहीं थे। लेकिन आकाश का मन निरंतर पढ़ाई में लगा रहता था। वह पुराने नोट्स और किताबों के साथ दिन-रात पढ़ाई करता। जब भी उसके पास थोड़ा सा वक्त मिलता, व...

"Courage and the power of struggle" / "हिम्मत और संघर्ष की शक्ति"

"हिम्मत और संघर्ष की शक्ति"/"Courage and the power of struggle" दिल को छूने वाली प्रेरणादायक कहानी यह कहानी एक छोटे से गाँव के लड़के, रवि की है, जो अपनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और साहस से जीवन में सफलता की ऊँचाईयों तक पहुँचने में कामयाब हुआ। रवि का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारी नीयत सही हो और हमें अपने लक्ष्य पर विश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल हमें नहीं हरा सकती। गाँव की गलियों में संघर्ष रवि का जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उसके पिता एक छोटे से खेत में काम करते थे, और माँ घर संभालती थी। रवि का सपना था कि वह बड़ा आदमी बने, लेकिन उसकी परिस्थितियाँ इतनी कठिन थीं कि उसे पढ़ाई के लिए स्कूल जाने के लिए भी पैसे नहीं थे। गाँव में बहुत कम लोग स्कूल जाते थे और उनका मानना था कि गरीब बच्चों का भविष्य खेती-बाड़ी में ही है। रवि को स्कूल में जाने का बहुत शौक था, लेकिन उसके पास किताबें और स्टेशनरी खरीदने के पैसे नहीं थे। उसकी माँ और पिता भी उसे पढ़ाई के लिए पैसे देने में असमर्थ थे। फिर भ...

andheri raat ka ujaala / अंधेरी रात का उजाला

अंधेरी रात का उजाला: एक प्रेरणादायक कहानी / andheri raat ka ujaala:An Inspirational Story यह कहानी है एक छोटे से गाँव के युवक आर्यन की। आर्यन एक मेहनती और ईमानदार लड़का था, जो हमेशा दूसरों की मदद करने और खुश रहने में विश्वास करता था। उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन फिर एक दिन ऐसी घटना घटी जिसने उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। गाँव के पास एक बड़ी फैक्ट्री थी, जहाँ आर्यन के पिता काम करते थे। अचानक एक दिन फैक्ट्री में आग लग गई। उस दुर्घटना में आर्यन के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा। घर का खर्चा चलाने की पूरी जिम्मेदारी आर्यन के कंधों पर आ गई। आर्यन के पास कोई स्थायी नौकरी नहीं थी। उसने कई जगह काम करने की कोशिश की, लेकिन हर जगह से उसे निराशा हाथ लगी। हालात इतने खराब हो गए कि उसके परिवार को दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। गाँव के लोग भी उससे दूरी बनाने लगे, क्योंकि वे सोचते थे कि आर्यन के हालात इतने खराब हैं कि वह किसी की मदद नहीं कर पाएगा।

bachapan ki muskaan / बचपन की मुस्कान

बचपन की मुस्कान / bachapan kee muskaan  सकारात्मकता की कहानी             एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था, जिसका नाम अमन था। अमन का परिवार बहुत गरीब था, लेकिन उसके माता-पिता ने उसे हमेशा ईमानदारी, मेहनत और सकारात्मकता की सीख दी थी। अमन बचपन से ही बहुत हंसमुख और दूसरों की मदद करने वाला बच्चा था।             एक दिन गाँव में अचानक भारी बारिश और बाढ़ आ गई। बाढ़ ने अमन के घर और खेतों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। उसका परिवार बेघर हो गया और उनके पास खाने-पीने के लिए भी कुछ नहीं बचा। यह स्थिति अमन के परिवार के लिए बहुत कठिन थी।              गाँव के बाकी लोग भी हताश और निराश थे। हर तरफ डर और चिंता का माहौल था। लेकिन अमन ने अपने माता-पिता से कहा, "हमारी मेहनत और भगवान की दया से सब कुछ ठीक हो जाएगा। हमें बस उम्मीद और मेहनत बनाए रखनी है।"            अमन ने गाँव के बच्चों को इकठ्ठा किया और उन्हें प्रेरित किया कि वे सब मिलकर गाँव की सफाई और पुनर्निर्माण में मदद करें। उसने...

An Inspirational Story :-"Stand Up" (एक प्रेरणादायक कहानी :- "ऊपर उठो")

"ऊपर उठो" - एक प्रेरणादायक कहानी छोटे से गांव के बीचों-बीच एक पुराना बरगद का पेड़ था। उस पेड़ के नीचे बैठा 14 साल का अंशु, स्कूल की किताबें हाथ में लिए गहरी सोच में डूबा था। वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता था, पर उसके सपनों और उसकी स्थिति के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी थी। अंशु का परिवार गरीब था। उसके पिता किसान थे और मां घर पर सिलाई का काम करती थी। पढ़ाई के लिए अंशु को रोजाना 5 किलोमीटर चलकर स्कूल जाना पड़ता था। रास्ता कठिन था, लेकिन उसकी लगन उसे कभी पीछे हटने नहीं देती थी। एक दिन स्कूल में मास्टर जी ने कक्षा में एक सवाल पूछा, "आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं?" अंशु ने बिना झिझक कहा, "मैं वैज्ञानिक बनना चाहता हूं।" सारी कक्षा ठहाका लगाकर हंस पड़ी। किसी ने कहा, "अरे, तुम तो खेत जोतने लायक भी नहीं हो। वैज्ञानिक कैसे बनोगे?" मास्टर जी ने भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। उस दिन अंशु का मन बहुत उदास था। वह घर लौटते वक्त बार-बार सोचता रहा, "क्या मैं सच में कुछ नहीं कर सकता? क्या मेरी गरीबी मेरे सपनों का अंत है?" मां की प्रेरणा